1101 कुंडीय अति रुद्र महायज्ञ के पाँचवें दिवस उमड़ा आस्था का सागर, विश्व शांति हेतु गूंजे ‘हर-हर महादेव’ के जयघोष


होशियारपुर : होशियारपुर के गांव बस्सी ग़ुलाम हुसैन स्थित श्री सिद्धेश्वर महादेव मंदिर में परम पूज्य महंत उदयगिरी जी महाराज के पावन संकल्प से 19 फरवरी से 25 फरवरी तक आयोजित 1101 कुंडीय अति रुद्र महायज्ञ का पाँचवाँ दिवस भी अद्भुत श्रद्धा, उत्साह और गहन भक्ति भाव के साथ संपन्न हुआ। सोमवार को एक बार फिर महायज्ञ स्थल पर श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा। हजारों शिव भक्त परिवार सहित उपस्थित होकर हवन कुंडों में आहुतियां अर्पित करते हुए विश्व शांति, पर्यावरण संरक्षण और समस्त मानव कल्याण की मंगलकामना करते दिखाई दिए।
वेद मंत्रों की दिव्य गूंज, हवन कुंडों से प्रज्वलित पवित्र अग्नि और “हर-हर महादेव” के गगनभेदी जयघोष से संपूर्ण वातावरण शिवमय हो उठा। आध्यात्मिक ऊर्जा और सकारात्मकता से परिपूर्ण इस आयोजन ने उपस्थित श्रद्धालुओं को अलौकिक अनुभूति कराई।

पाँचवें दिवस के मुख्य यजमानों में इंजीनियर संजीव मेहता, किड्स पब्लिक स्कूल की प्रिंसिपल आरती सूद मेहता, डॉ. उमा शक्ति, समाजसेवी अनुराग सूद, प्रो. ट्रेसी कोहली, अश्मिता सूद, ब्रिगेडियर इंदिवर सूद, पूर्व सरपंच नरवीर नंदी तथा डॉ. हर्षविंदर पठानिया ने श्रद्धा पूर्वक आहुतियां अर्पित कीं और विश्व कल्याण की कामना की।
इस अवसर पर श्री काली नाथ कालेश्वर धाम के प्रमुख महंत स्वामी विश्वानंद सरस्वती जी ने अपने प्रेरक संबोधन में कहा कि यह महायज्ञ सेवा, समर्पण और सनातन परंपरा के संरक्षण का जीवंत प्रतीक है। उन्होंने कहा कि ऐसे दिव्य अनुष्ठान युवाओं को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ते हैं और उन्हें धर्म, संस्कार व राष्ट्रहित की भावना से ओतप्रोत करते हैं।

प्रिंसिपल आरती सूद मेहता ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा, “अति रुद्र महायज्ञ जैसे दिव्य आयोजन भारतीय संस्कृति की आत्मा हैं। ये केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि सामाजिक एकता, सद्भाव और राष्ट्र निर्माण की प्रेरणा भी प्रदान करते हैं।”

समाजसेवी अनुराग सूद ने बताया कि सप्ताह भर चलने वाले इस महायज्ञ में प्रतिदिन विशेष पूजा, रुद्राभिषेक, प्रवचन तथा विशाल भंडारे का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें हजारों श्रद्धालु भाग लेकर पुण्य लाभ अर्जित कर रहे हैं।
इस अवसर पर होशियारपुर के पूर्व सांसद अविनाश राय खन्ना ने कहा कि गांव बस्सी ग़ुलाम हुसैन में आयोजित यह 1101 कुंडीय अति रुद्र महायज्ञ आस्था, परंपरा और सामाजिक समरसता का अनुपम संगम बनकर क्षेत्र में आध्यात्मिक चेतना का प्रकाश फैला रहा है।
“हर-हर महादेव” के जयघोष के साथ संपूर्ण क्षेत्र शिव भक्ति में सराबोर है, और यह महायज्ञ न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक बना है, बल्कि समाज में एकता, सद्भाव और सकारात्मक ऊर्जा का संदेश भी दे रहा है।



