Hoshairpur

कार्निया ब्लाइंडनैस पीड़ितों को नई रोशनी व जिंदगी देने के लिए भरें नेत्रदान प्रणपत्रः आज्ञापाल साहनी

होशियारपुर ( हरपाल लाडा ): रोटरी आई बैंक एवं कार्नियल ट्रांसप्लांटेशन सोसायटी की तरफ से एक संक्षिप्त समारोह प्रधान प्रमुख समाज सेवी संजीव अरोड़ा की अध्यक्षता में आयोजित किया गया। जिसमें गढ़शंकर निवासी खुशहाल सिंह की आंखों की पट्टी खोली गई। आपको बता दें कि खुशहाल पिछले तीन साल से कार्नियल ब्लाइंडनैस से पीड़ित था और उसकी एक आंख पूरी तरह से खराब थी व दूसरी आंख से नाममात्र दिखता था। पिता का साया सिर पर नहीं है और माता भी वयोवृद्ध अवस्था में देखने में पूरी तरह से असमर्थ है।

नेत्रदान आंदोलन को आज घर-घर से मिल रहा है प्रोत्साहनः संजीव अरोड़ा

जिसके चलते खुशहाल के लिए जीवन नीरस हो चुका था। ऐसे में रोटरी आई बैंक की टीम उनके लिए रोशनी की किरण बनकर आई और टीम ने उसे एक आंख लगवाकर इस सुन्दर संसार को देखने लायक बनाया एवं अब वह अपनी जिम्मेदारियों को बाखूबी निभा पाएगा। आप्रेशन के खर्च में समाज सेवी आज्ञापाल सिंह साहनी का विशेष योगदान रहा। जिन्होंने अपने जन्मदिन के अवसर पर एक कार्नियल ब्लाइंडनैस का आप्रेशन करवाने का प्रण किया था व भविष्य में भी सहयोग का आश्वासन दिया है। कार्यक्रम में नगर सुधार ट्रस्ट के पूर्व चेयरमैन एडवोकेट राकेश मरवाहा, पार्षद एडवोकेट लवकेश ओहरी व अध्यापक चंद्र प्रकाश सैनी भी विशेष रुप से उपस्थित हुए।

इस अवसर पर अध्यक्ष संजीव अरोड़ा ने सभी का स्वागत करते हुए बताया कि उन्हें यह कहते हुए बहुत हर्ष हो रहा है कि सोसायटी की तरफ से शुरु किए गए आंदोलन को अब घर-घर से प्रोत्साहन मिल रहा है तथा लोग समझ रहे हैं कि मरणोपरांत अमूल्य आंखे किसी के काम आएं या दो चुटकी राख बनें। श्री अरोड़ा ने बताया कि सोसायटी की तरफ से स्कूलों एवं कालेजों में बच्चों की आंखों की जांच के लिए विशेष कैंप लगाए जा रहे हैं ताकि जीवन की सबसे अमूल्य वस्तु आंखों की सेहत एवं उनके देखभाव को लेकर हमारी आने वाली पीढ़ियां भी पूरी तरह से जागरुक हों और इस लहर के साथ जुड़ कर कार्नियल ब्लाइंडनैस को दूर करने में अग्रणीय होकर सहयोग करें।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए आज्ञापाल सिंह साहनी ने कहा कि समाज के सभी सामर्थ लोगों को एक-एक कार्निया ट्रांसप्लांटेशन का खर्च उठाना चाहिए ताकि रोशनी के बिना जिंदगी काट रहे लोगों को नई रोशनी मिल सके।

इस अवसर पर एडवोकेट राकेश मरवाहा ने कहा कि जीते जी हम एक जहां देखते हैं, लेकिन जब व्यक्ति मरणोपरांत नेत्रदान करता है तो उसकी दोनों आंखें दो अलग-अलग लोगों को लगाई जाती हैं तथा हम कह सकते हैं कि इस पुण्य का भागी बनकर मरणोपरांत व्यक्ति की आंखें दो लोगों के रुप में दो जहां देखती हैं। हमारे शास्त्रों में भी नेत्रदान का उल्लेख मिलता है तथा आज समय की जरुरत है कि हम रक्तदान व देहदान की तरह नेत्रदान के लिए भी आगे आएं।

अध्यापक चंद्र प्रकाश सैनी ने अपने संबोधन में सोसायटी के कार्यों की प्रशंसा करते हुए कहा कि वह विश्वास दिलाते हैं कि वह भी अधिक से अधिक लोगों को नेत्रदान के प्रति जागरुक करने में योगदान डालेंगे। श्री सैनी ने कहा कि यह एकमात्र ऐसी सेवा है जिसके माध्यम से व्यक्ति मरने के बाद भी संसार को देख सकता है।

इस मौके पर चेयरमैन जेबी बहल ने आए हुए मेहमानों को सोसायटी के गठन, कार्यशैली एवं व्यवस्थाओं की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने कहा कि सोसायटी के समस्त सदस्यों की मेहनत एवं आपसी सहयोग के चलते ही आज हजारों लोग रोशनी पा चुके हैं। उन्होंने कहा कि इस कार्य में सहयोग देने वाले सज्जनों एवं कंपनियों के वह आभारी हैं, जिन्होंने कार्निया ट्रांसप्लांटेशन का खर्च उठाकर सोसायटी को आगे बढ़ते रहने की प्रेरणा दी है। उन्होंने खुशहाल सिंह को आंखों की देखभाल करने एवं अपनी जिम्मेदारियों का निर्वाह बेहतर ढंग से करने की प्रेरणा भी दी।

इस मौके पर विशेष तौर पर पहुंचे डा. तरसेम सिंह (सेवा निवृत्त एसएमओ) ने मरणोपरांत शरीरदान संबंधी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि शरीर दान करने से मैडीकल के विद्यार्थियों को शरीर से जुड़ी बीमारियों एवं नई दवाओं के आविष्कार करने में सहायता मिलती है और शरीर के कई आर्गन कई मरीजों के काम आते हैं, जिससे उन्हें नई जिंदगी मिलती है। इस अवसर पर सोसायटी की तरफ से मेहमानों एवं गणमान्यों का सम्मान भी किया गया और खुशहाल के आंखों की पट्टी खोलकर उसे शुभकामनाएं भेंट की गईं।इस मौके पर जीएस बावा, धर्मवीर त्रेहन, यशोदानंद गुप्ता, राकेश शर्मा, राजिंदर कौर, अमरजीत सिंह, शंकरदास, सुरिंदरपाल दिवान, अर्शप्रीत सिंह, अनिल सूद, प्रेम तनेजा, विजय अरोड़ा, हरजीत भाटिया, उमेश राणा, गौरव खट्टड़, एनके गुप्ता, अखिल सूद, कमल वर्मा, राजिंदर मोदगिल, वीना चोपड़ा, कमल खुराना, प्रो. राजीव शर्मा, प्रो. दलजीत सिंह, जसवीर कंवर, अश्वनी दत्ता, कृष्ण किशोर, मदन लाल महाजन, शाखा बग्गा, प्रो. डीके शर्मा, अरुण कुमार जैन, जगदीश अग्रवाल, अशोक बग्गा, रमिंदर सिंह सहित अन्य गणमान्य मौजूद थे।

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