विपक्ष की वोटें काटने के लिए गृह मंत्री के सचिव रहे ज्ञानेश कुमार को चुना गया: लॉरेंस चौधरी


होशियारपुर ( हरपाल लाडा ) : लॉरेंस चौधरी राष्ट्रीय अध्यक्ष क्रिश्चियन नेशनल फ्रंट ने बयान जारी कर कहा कि एसआईआर (स्पेशल इंटेन्सिव रिवीजन ) की प्रक्रिया और चुनाव आयोग के आंतरिक फैसलों से संबंधित एक अखबार में प्रकाशित रिपोर्ट ने देश की राजनीति में गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।रिपोर्ट के मुताबिक, चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी द्वारा पिछले 10 महीनों के दौरान चुनाव आयोग के विभिन्न फैसलों और कार्यप्रणाली को लेकर कम से कम 14 बार लिखित आपत्तियां दर्ज कराई गईं।
इनमें एसआईआर, मतदाताओं के नाम जोड़ने और हटाने, फॉर्म-6 में बदलाव तथा चुनावी डाटा तक पहुंच से जुड़े मामले शामिल बताए गए हैं।लॉरेंस चौधरी ने कहा कि इन रिपोर्टों के बाद एसआईआर की प्रक्रिया और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली की निष्पक्ष जांच की आवश्यकता और भी बढ़ गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि ज्ञानेश कुमार की नियुक्ति और एसआईआर की प्रक्रिया का इस्तेमाल विपक्षी दलों के वोटों को प्रभावित करने के उद्देश्य से किया जा रहा है।उन्होंने कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त की नियुक्ति से संबंधित कानूनी प्रावधानों में वर्ष 2023 में किए गए बदलावों के बाद चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति करने वाली समिति की संरचना बदल गई है।

इस बदलाव को लेकर भी सार्वजनिक स्तर पर सवाल उठते रहे हैं।लॉरेंस चौधरी ने कहा कि पश्चिम बंगाल, बिहार और अन्य राज्यों में एसआईआर के दौरान मतदाता सूचियों में हुए बदलावों की पूरी और निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि किसी भी योग्य नागरिक का मतदान का अधिकार प्रभावित नहीं होना चाहिए और चुनाव प्रक्रिया में जनता का विश्वास कायम रहना बेहद जरूरी है।उन्होंने भारत के राष्ट्रपति से मांग की कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की भूमिका और उनके संबंध में लगाए गए आरोपों की कानून के अनुसार जांच करवाई जाए तथा यदि किसी प्रकार की गैर-कानूनी कार्रवाई साबित होती है तो कानून के अनुसार कार्रवाई की जाए।इसके साथ ही उन्होंने माननीय सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में चुनाव आयोग में एसआईआर और अन्य कथित गैर-संवैधानिक बदलावों की निष्पक्ष जांच करवाने की मांग की।



