रेबीज़ से बचाव के लिए पूरा टीकाकरण करवाएं : सिविल सर्जन


होशियारपुर, 4 नवंबर ( हरपाल लाडा ) : सिविल सर्जन होशियारपुर डॉ. बलवीर कुमार ने लोगों से अपील करते हुए कहा कि रेबीज़ एक खतरनाक लेकिन पूरी तरह से रोकी जा सकने वाली बीमारी है। यह बीमारी आमतौर पर किसी पालतू या आवारा जानवर के काटने या ज़ख्म को चाटने से हो सकती है। इसलिए किसी भी जानवर के काटने को कभी भी नज़रअंदाज़ नहीं करना चाहिए और तुरंत सरकारी अस्पताल या नज़दीकी स्वास्थ्य केंद्र पर जाकर टीकाकरण करवाना बहुत ज़रूरी है।
डॉ. बलवीर कुमार ने बताया कि घरों में पाले जा रहे जानवर जैसे कुत्ते, बिल्लियाँ, बकरियाँ, बंदर आदि के अलावा सड़कों पर घूमने वाले आवारा जानवर भी रेबीज़ के वायरस के वाहक हो सकते हैं। किसी भी ऐसे जानवर के काटने या खरोंचने के बाद घरेलू उपाय, झाड़-फूंक या अन्य टोटकों के बजाय तुरंत डॉक्टरी सलाह लेना जीवन बचाने वाला कदम है।

उन्होंने बताया कि जानवर के काटने के तुरंत बाद घाव को बहते साफ पानी और साबुन से कम से कम 10 से 15 मिनट तक धोना चाहिए, जिससे वायरस का असर कम होता है। इसके बाद तुरंत पास के सरकारी अस्पताल या हेल्थ सेंटर में जाकर डॉक्टरों की सलाह के अनुसार पूरा वैक्सीनेशन करवाना बहुत ज़रूरी है।
सिविल सर्जन ने बताया कि रेबीज़ से बचाव के लिए सरकारी हेल्थ सेंटरों में वैक्सीनेशन की सुविधा बिल्कुल मुफ्त उपलब्ध है। यह सुविधा अब आम आदमी क्लीनिक में भी दी जा रही है ताकि हर व्यक्ति तक स्वास्थ्य सेवा आसानी से पहुंच सके।

डॉ. बलवीर कुमार ने ज़ोर देकर कहा कि रेबीज़ के खतरे को कम करने के लिए पालतू जानवरों का समय-समय पर वैक्सीनेशन करवाना, आवारा जानवरों के संपर्क से बचना और स्वास्थ्य संबंधी जागरूकता फैलाना बहुत ज़रूरी है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे खुद भी सावधान रहें और दूसरों को भी इसके बारे में जागरूक करें ताकि रेबीज़ नाम की जानलेवा बीमारी से सामूहिक रूप से बचाव किया जा सके।




