शिक्षक होना सबसे पवित्र जिम्मेदारी और बच्चों के भाग्य के सृजनहार हैं शिक्षकः अमरपाल काका


होशियारपुर: हरबख्श सिंह बैरीस्टर चैरीटेबल ट्रस्ट के प्रधान अमरपाल काका की अगुवाई में अध्यापक दिवस के मौके पर जीवन में अध्यापक व कोच दोनों की भूमिका निभाने वाले अध्यापकों को सम्मानित किया गया।
विद्या मंदिर स्कूल परिसर में आयोजित कार्यक्रम दौरान अमरपाल काका ने कहा कि शिक्षक भाग्य के सृजनहार होते हैं। देश के दूसरे राष्ट्रपति डा. सर्वपल्ली राधाकृष्णन की अच्छा थी कि उनका जन्मदिन शिक्षक दिवस के रुप में मनाया जाए। वह विश्वप्रसिद्ध विद्वान एवं लेखक एवं राजनेता थे।

श्री काका ने कहा कि एक बार डा. अबदुल कलाम जी से पूछा गया था कि उन्हें किस रुप में याद किया जाए एक राष्ट्रपति के रुप में या वैज्ञानिक के रुप में तो उन्होंने कहा था कि उन्हें एक शिक्षक के रुप में याद किया जाए, तो जीवन में शिक्षक से बड़ा कोई नहीं होता तथा शिक्षक होना केवल एक नौकरी या पेशा नहीं बल्कि एक पवित्र जिम्मेदारी है, जिसे ईमानदारी से निभाकर वह विद्यार्थी को एक अच्छा व बेहतर इंसान बना सकते हैं।
इस मौके पर उन्होंने हैंडबाल कोच शाम लाल, जरनैल सिंह पप्पी, इंद्रमोहन बब्बू, आरसी मेहता तथा मलकीत सिंह को उनकी सेवाओं के लिए सम्मानित किया। इस अवसर पर श्री काका ने एडवोकेट भूपिंदर कानूनी सलाहकार का भी धन्यवाद किया, जो समय-समय पर अपनी बहुमूल्य सेवाओं से ट्रस्ट के कार्य को आगे बढ़ाते हैं।




