Hoshairpur

गो-सोलर प्रोजेक्ट में होशियारपुर नंबर-1, डिप्टी कमिश्नर आशिका जैन के नेतृत्व में नई उड़ान

होशियारपुर, 20 नवंबर ( हरपाल लाडा ): नवीकरणीय ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए चल रहे गो-सोलर प्रोजेक्ट में होशियारपुर ज़िला डिप्टी कमिश्नर आशिका जैन के नेतृत्व में पूरे पंजाब में नंबर-1 पर पहुंच गया है। 15 सितंबर से 12 नवंबर तक की अवधि में जिले ने 825 से 898 आवेदनों तक पहुंचते हुए 8.8 प्रतिशत की सबसे तेज़ ग्रोथ दर्ज की, जो प्रदेश के 21 सर्किलों में सर्वाधिक है। यह उपलब्धि प्रशासनिक दक्षता, विभागीय समन्वय और जमीनी स्तर पर किए गए सामूहिक प्रयासों का परिणाम है।

डिप्टी कमिश्नर आशिका जैन की डेटा-ड्रिवन कार्यशैली, माइक्रो-मॉनिटरिंग, सर्किल स्तर की नियमित समीक्षा और आवेदन प्रक्रिया में आने वाली बाधाओं को तुरंत दूर करने की रणनीति ने पूरे अभियान को नई गति दी। ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में जागरूकता बढ़ाने के लिए विशेष अभियान चलाए गए, जबकि तकनीकी दिक्कतों को हल करने के लिए टास्क फोर्स तैनात की गई।

डिप्टी कमिश्नर आशिका जैन ने कहा कि जिले की इस शानदार उपलब्धि में कई विभागों और स्टेकहोल्डर्स का महत्वपूर्ण योगदान रहा। उन्होंने विशेष रूप से सहायक कमिश्नर ओएशी मंडल की सराहना की, जिन्होंने गो-सोलर प्रोजेक्ट की नोडल अधिकारी के रूप में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने कहा कि नोडल अधिकारी के रूप में ओएशी मंडल ने सख्त फील्ड मॉनिटरिंग, विभागों के बीच सुचारू समन्वय, रियल-टाइम प्रगति की निगरानी तथा स्टेकहोल्डर टीमों के साथ समयबद्ध फॉलो-अप सुनिश्चित किया। डिप्टी कमिश्नर ने बताया कि उनके समर्पित नेतृत्व और सक्रिय निगरानी ने परियोजना के समग्र प्रदर्शन को उल्लेखनीय रूप से मजबूत किया है।

उन्होंने बताया कि रेडक्रॉस सोसायटी की ओर से सचिव मंगेश सूद, संयुक्त सचिव आदित्य राणा और रेडक्रॉस के इंटर्न्स ने कैंप लगाकर व लोगों को जागरूक कर सोलर स्कीम की जानकारी दी, आवेदन भरने में सहायता की और जागरूकता गतिविधियों को गति दी। इस दौरान पावर कॉर्पोरेशन के अधिकारी, विशेषकर एक्सीयन मुकेरियां, ने तकनीकी दस्तावेज़ों की समयबद्ध जांच और इंस्टॉलेशन प्रक्रिया के समन्वय में महत्वपूर्ण योगदान दिया।

डिप्टी कमिश्नर आशिका जैन ने इन सभी विभागों, टीमों और इन्टर्नस के साथ-साथ उन वेंडर्स की भी सराहना की जिन्होंने उत्कृष्ट कार्य करते हुए इंस्टॉलेशन कार्य को समय पर पूरा किया और उपभोक्ताओं को सकारात्मक अनुभव दिया। उन्होंने कहा कि कुछ वेंडर्स ने बेहतरीन काम किया है और सभी स्टेकहोल्डर्स की मेहनत ने ही होशियारपुर को पंजाब में नंबर-1 बनाया है।

बठिंडा और मुक्तसर भले ही कुल आवेदनों के मामले में बड़े सर्किल हों, लेकिन ग्रोथ रेट में होशियारपुर ने सबको पीछे छोड़ते हुए यह सिद्ध किया है कि योजनाबद्ध रणनीति, त्वरित कार्रवाई और जनभागीदारी से कम आधार संख्या होते हुए भी सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया जा सकता है।

गौरतलब है कि गो-सोलर प्रोजेक्ट में होशियारपुर की यह सफलता न केवल प्रशासनिक उपलब्धि है, बल्कि प्रदेश में भविष्य की ऊर्जा सुरक्षा और सतत विकास की दिशा में एक सशक्त कदम भी है। डिप्टी कमिश्नर आशिका जैन ने विश्वास जताया कि यह मॉडल पंजाब के अन्य जिलों के लिए प्रेरक उदाहरण साबित होगा।

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